यह कहानी एक पिता पुत्र की है।
एक पिता! नौकरी करते हुए घर पहुंचा घर पहुंच कर उसने सोचा थोड़ा आराम कर लिया जाय
उसने अपने बेटे को बुलाया और कहां की बेटा मुझे एक गिलास पानी पिला दो, बेटा पानी ले आया।
बेटे के दिमाग में कुछ चल रहा था
क्योंकि बेटे को पैसे की जरूरत थी।
थोड़ी देर रिलैक्स होने के बाद उसके बेटे ने अपने पापा से कहा कि पापा
क्या मैं आपसे एक बात पूछ सकता हूं?
उसके पापा ने कहा। बिल्कुल तुम पूछ सकते हो
बेटे ने पूछा पापा! आप 1 घंटे में कितना कमा लेते हैं?
पापा ने कहा कि मैं 1 घंटे में सो रुपए कमा लेता हूं।
बेटे ने कहा कि पापा मुझे ₹50 की जरूरत है। बाप इतना सुनके भड़क गया और उसने कहा कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई। मुझसे पैसे मांगने कि मैं इतनी मेहनत करके पैसे कमाता हूं और तुम मुझसे पैसे मांग रहे हो?
जब तुम पैसे? कमाओगे तो तुम्हें समझ में आएगी कि पैसा मांगना कितना आसान है और कमाना कितना मुश्किल है?
उसका बेटा रोते हुए चला गया,लेकिन कुछ देर बाद पिता को अपनी गलती का एहसास हुआ।
और वह बच्चे से पूछता है। ठीक है तुम पैसे ले लो, लेकिन मुझे बता दो कि तुम इन पैसों का करोगे क्या?
मैं आपको बाद में बता दूंगा।
उसका पिता उसको ₹50 देता है तो वह अपना छोटा सा mini bank तोड़ता है।
और उसमें से ₹50 निकालता है, सिक्कों को गिनता है। यह सब देखते हुए पर एक बार बाप फिर झल्ला जाता है।
उसका पिता यह सब देखते हुए उसके बेटे को एक जोरदार तमाचा लगा देता है।
और गुस्सा करता है। तुम्हारे पास पैसे थे? तुमने मुझसे पैसे क्यों मांगे?
बेटे के पास पैसे पूरे हो चुके थे। उसने कहा कि पापा कल से आप घर जल्दी आ जाना, मुझे आपके साथ एक घंटा बिताना है। आपके 1 घंटे की कीमत ₹100 है तो मैंने आपको अदा कर दी।
एक पिता के दिल पर क्या बीत सकती है?
उससे बेहतर कोई नहीं समझ सकता।
दोस्तो आज की लाइफ में हम पैसे के पीछे भाग रहे हैं। खुशी कभी भी पैसों से नहीं खरीदी जा सकती
जो यह बात जल्दी समझ जाता है वो अपनी जिंदगी को अच्छी तरीके से जी पाता है।
आशा करता हूं कि इस कहानी से आपने भी कुछ न कुछ सीखा होगा।
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